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क्या हैं एकल परिवार के फायदे और नुकसान?

विश्व की सबसे प्राचीन भारतीय संस्कृति में कभी भी एकल परिवार का कोई उल्लेख नहीं मिलता है। हमारी संस्कृति में हमेशा ही ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को महत्व दिया गया है। लेकिन फिर भी इस नए दौर में कई बड़े परिवार टूट कर एकल परिवारों में स्थापित हो रहे हैं। आज के इस लेख में आप जानेंगे कि क्या हैं एकल परिवार के फायदे और नुकसान?

क्या हैं एकल परिवार ?

पारिवारिक संरचना की सबसे छोटी इकाई है एकल परिवार। एकल परिवार में पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे होते हैं। आज कल सभी संयुक्त परिवार टूट कर एकल परिवार में परिवर्तित हो रहे है। एकल परिवार में विवाह के बाद बच्चे अपने माता पिता को छोड़ कर अलग रहने लग जाते हैं।

एकल परिवार के फायदे

एकल परिवार के कुछ महत्वपूर्ण फायदे होते हैं साथ ही साथ इसके कुछ दुष्परिणाम भी देखने में आये हैं। आइये एकल परिवार के फायदे के बारे में चर्चा करते है:

  • अपने जीवन में समय के अनुसार परिवर्तन एकल परिवार के सदस्य आसानी से कर पाते हैं, जिससे उनका जीवन सरल और सुगम हो जाता हैं और साथ ही उनके व्यक्तित्व का पूर्ण विकास भी हो जाता हैं।
  • हर किसी को शांति से रहना बहुत पसंद होता हैं। परिवार में कम सदस्य होने के कारण यहाँ संयुक्त परिवार जितना कलह नहीं होता। परिवार के सभी सदस्य सुखद और आनंदमयी जीवन व्यतीत करते हैं।
  • एकल परिवार में सदस्यों की संख्या कम होने के कारण महंगाई के इस दौर में भी सभी सदस्यों की जरूरत को सरलता से पूरा किया जा सकता हैं,जिस कारण इनके जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती हैं।
  • एकल परिवार में हर सदस्य स्वतंत्र होता हैं, उसे क्या करना है और क्या नहीं? इस बात का निर्णय वह स्वयं लेता हैं।
  • एकल परिवार में व्यक्ति में आर्थिक रूप से स्वावलम्बी होता है. और जब बच्चे अपने माता पिता को मेहनत करते हुए देखते हैं तो वे भी बड़े होकर आर्थिक रूप से स्वावलम्बी होते हैं।

एकल परिवार के नुकसान

एकल परिवार में सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों का होता हैं क्योकि माता-पिता दोनों अपनी अपनी नौकरियां में बच्चों के लिए समय नहीं दे पाते। अब जानते हैं एकल परिवार के नुकसान :

  • जब माता पिता दोनों नौकरी करने जाते हो तो ऐसे में बच्चों की देखभाल नहीं हो पाती। माता-पिता की अनुपस्थिति में बच्चों पर असुरक्षा का खतरा मंडराता रहता हैं।
  • बच्चे हों या बड़े हर किसी को किसी न किसी की आवश्यकता होती हैं कित्नु एकल परिवार में अधिकतर अकेलापन महसूस होता हैं।
  • आज कल के आधुनिक जीवन में लोग अपने संस्कृति भूल रहे हैं आधुनिक संस्कृति को अपना रहे हैं, इस वजह से एकल परिवार में उचित संस्कारों की कमी होती हैं।
  • त्यौहार की रौनक तब ही होती हैं जब उन्हें सबके साथ मनाया जाये, लेकिन एकल परिवार में त्यौहार मात्र साधारण दिन बन कर रह जाता हैं।
  • एकल परिवार में माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चों रहते है, विवाह के बाद बच्चे अपनी अलग गृहस्ती बना लेते हैं इस स्थिति में माँ बाप को बुढ़ापे में कोई सहारा नहीं होता।

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